“एआई कहानीकारों (स्टोरीटेलर्स) की जगह क्यों नहीं ले सकता”: मीडिया, पत्रकारिता और कानून में करियर
वाणिज्य और मानविकी (ह्यूमेनिटीज) संकाय के लगभग 150 छात्रों ने एक आकर्षक करियर काउंसलिंग सेमिनार में भाग लिया। इसमें ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्यूनिकेशन की सहायक प्रोफेसर प्रो. सारा ज़िया और वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीमती तनिमा बनर्जी मुख्य रूप से उपस्थित थीं।
प्रो. ज़िया के सत्र, जिसका शीर्षक “एआई कहानीकारों की जगह क्यों नहीं ले सकता” था, ने मीडिया और पत्रकारिता में रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच (क्रिटिकल थिंकिंग) और भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलिजेंस) के निरंतर महत्व को उजागर किया। व्यावहारिक उदाहरणों और छात्रों के साथ बातचीत के माध्यम से, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से तकनीक-संचालित होती दुनिया में भी प्रभावी संचार में कहानी कहने (स्टोरीटेलिंग) की भूमिका सदैव बनी रहेगी।
श्रीमती बनर्जी ने छात्रों को कानून के क्षेत्र में करियर के व्यापक विकल्पों से परिचित कराया, जिनमें मुकदमेबाजी (लिटिगेशन), कॉरपोरेट लॉ, न्यायपालिका, कानूनी अकादमिक क्षेत्र, कानूनी पत्रकारिता, स्पोर्ट्स लॉ, मनोरंजन एवं मीडिया लॉ और स्पेस लॉ शामिल हैं। सत्र में CA, CS और CMA जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, CLAT, AILET और LNAT–India जैसी विधि प्रवेश परीक्षाओं, तथा अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप, छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप), मूट कोर्ट और अकादमिक आदान-प्रदान के अवसरों को भी शामिल किया गया। इसके अलावा, स्टार्टअप लीगल कंसल्टेंसी, पॉलिसी एडवाइजरी और लीगल-टेक एंटरप्रेन्योरशिप जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई। इस सेमिनार ने विविध और विकसित हो रहे करियर मार्गों के प्रति छात्रों की समझ को व्यापक बनाया और भविष्य के शैक्षणिक चयनों के लिए मूल्यवान स्पष्टता व दिशा प्रदान की।