“राष्ट्र के लिए, भविष्य के लिए”: रक्षा क्षेत्र में करियर
भारतीय वायु सेना में उपलब्ध विविध करियर अवसरों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए “राष्ट्र के लिए, भविष्य के लिए: रक्षा क्षेत्र में करियर” शीर्षक से एक करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र फ्लाइट लेफ्टिनेंट दीपाली गौर द्वारा संचालित किया गया, जिन्होंने सशस्त्र बलों में करियर बनाने के मार्गों के बारे में मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा की।
छात्रों को एनडीए (NDA) और एएफसीएटी (AFCAT) जैसे प्रवेश मार्गों व परीक्षाओं के साथ-साथ चयन प्रक्रिया और एयर फोर्स सिलेक्शन बोर्ड (AFSB) की तैयारी के महत्व से परिचित कराया गया। सत्र में उन्हें वायु सेना की विभिन्न शाखाओं से भी अवगत कराया गया, जिनमें फ्लाइंग ब्रांच, ग्राउंड ड्यूटी (तकनीकी) और ग्राउंड ड्यूटी (गैर-तकनीकी), तथा फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों से जुड़ी भूमिकाएँ शामिल हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि वायु सेना में करियर केवल उड़ान भरने तक ही सीमित नहीं है। छात्रों ने प्रशासन, लॉजिस्टिक्स, अकाउंट्स, शिक्षा और मौसम विज्ञान (मेटियोरोलॉजी) में पेशेवर अवसरों के बारे में जाना, जिससे उन्हें रक्षा सेवाओं के संचालन में योगदान देने वाली विशेष भूमिकाओं की व्यापक समझ प्राप्त हुई।
एक संवादात्मक चर्चा ने छात्रों को पात्रता, परीक्षाओं, शाखाओं और करियर की प्रगति के संबंध में अपने प्रश्नों को स्पष्ट करने का अवसर दिया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट दीपाली गौर के व्यक्तिगत अनुभवों और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि ने सत्र को अधिक प्रभावकारी बनाया और छात्रों को रक्षा बलों में करियर की अधिक स्पष्ट समझ प्राप्त करने में मदद की।