“जनरेशन जेड और जनरेटिव एआई: 2030 में आप कैसे काम करेंगे”
यूपीईएस (UPES) देहरादून के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनोज सिंह राणा द्वारा संचालित “जनरेशन जेड और जनरेटिव एआई: 2030 में आप कैसे काम करेंगे” नामक एक ज्ञानवर्धक करियर काउंसलिंग सत्र में कक्षा 9वीं से 12वीं के लगभग 250 छात्रों ने भाग लिया।
सत्र की शुरुआत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के परिचय और उन तरीकों से हुई जिनके द्वारा एआई सिस्टम सीखने, समस्या सुलझाने, डेटा विश्लेषण, कंटेंट निर्माण और निर्णय लेने के माध्यम से मानव बुद्धिमत्ता के पहलुओं का अनुकरण करते हैं। इसके बाद डॉ. राणा ने मार्च 2026 के एक अध्ययन का संदर्भ देते हुए बदलते रोजगार परिदृश्य पर चर्चा की और बताया कि कैसे बार-बार होने वाले, पूर्वानुमानित और डेटा-संचालित कार्य तेजी से स्वचालन (ऑटोमेशन) के प्रभाव में आ रहे हैं।
छात्रों को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई डेवलपमेंट, एआई एथिक्स और एआई इंटरैक्शन डिज़ाइन जैसे उभरते करियर क्षेत्रों से परिचित कराया गया। इसके साथ ही, सत्र में रचनात्मकता, क्रिटिकल थिंकिंग, संचार, अनुकूलन क्षमता (एडाप्टेबिलिटी) और डिजिटल साक्षरता सहित मानवीय क्षमताओं के महत्व पर जोर दिया गया।
इस चर्चा ने छात्रों को भविष्य को प्रतिस्पर्धा के बजाय मानव-एआई सहयोग के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें आज की बदलती दुनिया में जिज्ञासु, अनुकूलनशील और भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।